
PM Vishwakarma Yojana 2025 : भारत की आत्मा उसके गांवों और कस्बों में बसती है। वहां के कारीगर – जो अपने हाथों से चमत्कार रचते हैं – अक्सर आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था से कटे रहते हैं। इन्हीं पारंपरिक हुनरबाजों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने 17 सितंबर 2023 को एक ऐतिहासिक कदम उठाया — प्रधान मंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana)।
यह योजना सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक आंदोलन है, जो हुनर को सम्मान, पहचान और सहायता दिलाने के लिए शुरू हुआ है।
Table of Contents
PM Vishwakarma Yojana 2025 का सार: किसके लिए और क्यों?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लक्ष्य है 18 पारंपरिक ट्रेड्स में लगे कारीगरों को मान्यता, प्रशिक्षण, टूल्स, ऋण और बाज़ार समर्थन प्रदान करना।
यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अधीन एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे 2023-2028 के बीच 13,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लागू किया जा रहा है।
कौन हैं इसके पात्र?
✅ उम्र: 18 वर्ष से अधिक
✅ कार्य: 18 पारंपरिक पारिवारिक ट्रेड्स में सक्रिय
✅ स्वरोजगार में लगे हुए
✅ सरकारी योजनाओं (जैसे PMEGP, मुद्रा, स्वनिधि) से पिछले 5 वर्षों में ऋण न लिया हो (यदि लिया है, तो चुका दिया हो)
✅ प्रति परिवार एक ही सदस्य को लाभ मिलेगा
❌ सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार पात्र नहीं हैं PM Vishwakarma Yojana 2025
कौन-कौन से ट्रेड्स हैं पात्र?
| ट्रेड | ट्रेड |
| बढ़ई | बोट मेकर |
| सुनार | लोहार |
| पॉटर | मूर्तिकार |
| धोबी | दर्जी |
| माला निर्माता | नाई |
| गुड़िया/खिलौना निर्माता | मत्स्य जाल निर्माता |
| मेसन | मोची/शूस्मिथ |
| झाड़ू/चटाई/बास्केट निर्माता | स्टोन ब्रेकर |
| हैमर और टूल किट मेकर | लॉकस्मिथ |
👉 सूची समय-समय पर राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) द्वारा अद्यतन की जा सकती है।
योजना के प्रमुख लाभ
1. पंजीकरण और पहचान
- ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से PM विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और ID कार्ड प्राप्त।
- इससे लाभार्थी को सभी लाभ मिलते हैं। PM Vishwakarma Yojana 2025
2. क्रेडिट सहायता: बिना गारंटी के लोन
| किश्त | राशि | ब्याज | अवधि |
| पहली | ₹1 लाख | 5% | 18 माह |
| दूसरी | ₹2 लाख | 5% | 30 माह |
- भारत सरकार द्वारा 8% तक ब्याज सबवेंशन
- क्रेडिट गारंटी शुल्क सरकार द्वारा वहन
- बिना किसी संपार्श्विक के लोन
उदाहरण:
रामलाल, एक दर्जी हैं बिहार से। उन्होंने पहली किश्त ₹1 लाख का लोन लेकर एक छोटी फैशन वर्कशॉप शुरू की। अब वे दो और कारीगरों को रोजगार दे रहे हैं।
3. कौशल उन्नयन: हुनर को मिले नई धार
प्रारंभिक प्रशिक्षण:
- 5-7 दिन (40 घंटे)
- वजीफा: ₹500/दिन
- विषय: आधुनिक औज़ार, डिजिटल ट्रांजैक्शन, ग्राहक प्रबंधन
उन्नत प्रशिक्षण:
- 15 दिन या उससे अधिक
- वजीफा: ₹500/दिन
- विषय: उद्यमिता, ऑनलाइन बिक्री, मार्केटिंग स्किल्स
👉 इससे कारीगर केवल काम में माहिर नहीं बनते, बल्कि छोटे व्यवसायी भी बन सकते हैं।
4. टूलकिट प्रोत्साहन: स्मार्ट औजार से स्मार्ट प्रोडक्ट
- ₹15,000 तक का DBT या ई-रूपी वाउचर
- आधुनिक औज़ारों की खरीद के लिए
- उत्पाद की गुणवत्ता, गति और दक्षता में सुधार
5. डिजिटल सशक्तिकरण
- प्रति डिजिटल लेन-देन ₹1 की प्रोत्साहन राशि
- प्रति माह अधिकतम 100 लेनदेन के लिए
- सीधे खाते में DBT
👉 इससे डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम
6. बाज़ार से जोड़ना: स्थानीय से ग्लोबल तक
- ₹250 करोड़ का बजट केवल ब्रांडिंग, प्रमोशन, eCommerce सहयोग और क्वालिटी सर्टिफिकेशन के लिए
- ऑनलाइन मार्केटप्लेस, शिल्प मेलों और GI टैगिंग से जोड़ा जाएगा
योजना के क्रियान्वयन की संरचना
1. राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC)
- प्रमुख नीति और रणनीति निर्धारण PM Vishwakarma Yojana 2025
- ट्रेड्स को जोड़ने/हटाने का अधिकार
- साल में कम से कम 2 बैठकें
2. राज्य निगरानी समिति (SMC)
- राज्यों में योजना के कार्यान्वयन पर नज़र
3. जिला कार्यान्वयन समिति (DIC)
- ज़मीनी स्तर पर कार्यान्वयन की जिम्मेदारी
4. क्रेडिट ओवरसाइट कमेटी
- ऋण वितरण की निगरानी
- ब्याज दर की समीक्षा
5. निष्पादन एजेंसियाँ
- MSME मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग PM Vishwakarma Yojana 2025
निगरानी और पारदर्शिता
- डैशबोर्ड आधारित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम (OMS)
- PMU के ज़रिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर प्रगति पर नज़र
- NSC और SMC की नियमित समीक्षा बैठकें

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
1. आर्थिक सशक्तिकरण
- बिना गारंटी ऋण और प्रशिक्षण से कारीगर स्वावलंबी उद्यमी बन सकते हैं
- स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन में वृद्धि PM Vishwakarma Yojana 2025
2. सांस्कृतिक संरक्षण
- लुप्तप्राय ट्रेड्स जैसे मूर्तिकला, बुनकरी, खिलौना निर्माण को नया जीवन
- भारत की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ता है
3. सामाजिक समावेश
- महिलाओं, अनुसूचित जातियों और जनजातियों को प्राथमिकता
- ग्रामीण भारत में समान अवसर सृजित करता है
अब तक की प्रगति (जनवरी 2025 तक)
✅ 26.87 लाख लाभार्थी योजना के अंतर्गत पंजीकृत PM Vishwakarma Yojana 2025
✅ हजारों कारीगरों को टूलकिट व डिजिटल भुगतान में मदद
✅ MSME में नए स्वरोजगार स्टार्टअप्स की लहर
निष्कर्ष: एक सुनहरा अवसर
प्रधान मंत्री विश्वकर्मा योजना न केवल पारंपरिक कारीगरों को सम्मान देती है, बल्कि उन्हें आधुनिक भारत की विकास यात्रा में साझेदार बनाती है।
यदि आप या आपके परिवार में कोई पारंपरिक ट्रेड में है, तो इस योजना से (PM Vishwakarma Yojana 2025) जुड़ना सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित करने का कदम है।
✨ “हुनर को पहचान दो, तो वह राष्ट्र का निर्माण करता है।” ✨
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. क्या मैं ऑनलाइन आवेदन कर सकता हूँ?
हाँ, https://pmvishwakarma.gov.in पोर्टल पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।
Q2. क्या योजना में महिलाएं पात्र हैं?
बिलकुल, महिलाएं भी पात्र हैं यदि वे पारंपरिक ट्रेड में कार्यरत हों।
Q3. क्या इस योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है?
हाँ, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
Q4. योजना से कितनी बार लोन लिया जा सकता है?
दो किश्तों में — पहली ₹1 लाख और दूसरी ₹2 लाख तक।
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